गितेर : साहब सिंह रमोला.....एल्बम : आँख्यों की तीस.....Click Below For Lyrics ********************************** त्यारा सुपीना देखणु....जब बटी देखी मैन, हाँ सुध-बुध ख्वे ग्योंऊँ मेई...जादू क्या केरयाली त्वेन, हाँ जोंका दगड़या वेली तू... कना होला सी भग्यान, मुखिड़ी दिखे जा.......ऐजा तू ऐजा, सची मायादार वेली ...माया लगे जा, बसु बणीक फुर्र उड़ीक...आंख्यों की तीस बुझेयी जा, ऐजा तू बांद उमा रे...त्वेमा मेरी माया लगी रे ! जिकुड़ी मा रेंदु तेरु खयाल...ऐजा दों थोड़ा माया लयाल, तेरी रटण रात अर दिन...बोल क्या जादू केरयाली तीन, चितमन मेरु चंचल ह्वेगे...अब ऐके मन थें समझे जा, ऐजा तू बांद उमा रे... त्वेमा मेरी माया लगी रे ! चौक ढीन्स्वाल फूलों की डाली...याद औंदी तेरी लगदी कुतग्याली, ठुम-ठुमके हिटणु सजीलो मिजाज़...याद च आज बी पैली मुलाकात, तू बिसरी ग्याई मैं नी बिसरूं... बात क्या ह्वाई बतेयी जा, ऐजा तू बांद उमा रे... त्वेमा मेरी माया लगी रे ! आँखी थकिगे बाटू देखि-देखी...हाती थकिगे चिट्ठी
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